सरकार ने इस योजना को “यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज” के तहत रखा है, जिसका अर्थ है कि अब स्वास्थ्य सेवा केवल गरीबी रेखा के नीचे (BPL) तक सीमित नहीं है।
1. कवरेज का गणित (Financial Coverage Structure)
इसे समझना बहुत जरूरी है क्योंकि यह सामान्य आयुष्मान कार्ड से अलग काम करता है:
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स्वतंत्र कवर (Separate Wallet): यदि एक परिवार में पति और पत्नी दोनों 70 वर्ष से ऊपर हैं, तो उन्हें मिलाकर ₹5 लाख का एक साझा (Shared) कवर मिलेगा।
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मौजूदा कार्ड के साथ जुड़ाव: अगर परिवार के पास पहले से ₹5 लाख वाला सामान्य आयुष्मान कार्ड है, तो 70+ वाले बुजुर्ग को ₹5 लाख का अतिरिक्त टॉप-अप मिलेगा। यानी परिवार का कुल कवर ₹10 लाख (5 लाख परिवार के लिए + 5 लाख केवल बुजुर्ग के लिए) हो जाएगा।
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प्रीमियम: यह पूरी तरह मुफ्त है। बुजुर्गों को इसके लिए कोई प्रीमियम नहीं भरना पड़ता।
2. शामिल बीमारियाँ और सुविधाएँ (What’s Covered?)
यह कार्ड केवल अस्पताल में भर्ती होने पर ही काम आता है, लेकिन इसमें बहुत कुछ शामिल है:
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गंभीर बीमारियाँ: कैंसर (कीमोथेरेपी/रेडिएशन), हृदय रोग (स्टेंट/बायपास), घुटने का प्रत्यारोपण (Knee Replacement), और किडनी डायलिसिस जैसी महंगी सुविधाएँ।
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भर्ती से पहले और बाद का खर्च: अस्पताल में भर्ती होने से 3 दिन पहले की दवाइयाँ/जांच और डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक का फॉलो-अप खर्च इसमें शामिल है।
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डे-केयर सर्जरी: ऐसी सर्जरी जिसमें 24 घंटे भर्ती रहने की जरूरत नहीं होती (जैसे मोतियाबिंद का ऑपरेशन), वे भी इसमें कवर हैं।
3. अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के साथ तालमेल (Policy Overlap)
अगर बुजुर्ग पहले से किसी सरकारी योजना में हैं, तो नियम ये हैं:
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Private Insurance वाले: जिनके पास अपनी निजी मेडिक्लेम पॉलिसी (Star Health, HDFC Ergo आदि) है, वे भी इस आयुष्मान कार्ड को बनवा सकते हैं। वे दोनों का लाभ ले सकते हैं।
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ESI/पेंशनभोगी (CGHS/ECHS): इनके पास विकल्प (Option) होगा। या तो वे अपनी पुरानी योजना में रहें या इसे चुनें। एक बार स्विच करने के बाद पुराने कार्ड की सुविधाएं खत्म हो सकती हैं, इसलिए सोच-समझकर निर्णय लें।
4. आवेदन की बारीकियां (Technical Details for Application)
आवेदन करते समय इन 3 तरीकों का ध्यान रखें:
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आधार-आधारित KYC: इसमें बायोमेट्रिक या आधार OTP अनिवार्य है। अगर बुजुर्ग के हाथ की उंगलियों के निशान (Fingerprints) घिस गए हैं, तो ‘Face Authentication’ (चेहरा दिखाकर) का विकल्प आयुष्मान ऐप में उपलब्ध है।
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स्वयं का फोटो: कार्ड पर वही फोटो आता है जो आधार में है, लेकिन ऐप के जरिए आवेदन करने पर लाइव फोटो (Live Photo) क्लिक करनी होती है।
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मोबाइल लिंकिंग: यदि आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, तो आवेदन में दिक्कत आ सकती है। इसे पहले अपडेट कराना बेहतर है।
5. कार्ड मिलने के बाद क्या करें? (Post-Issuance Steps)
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e-Card डाउनलोड: कार्ड बनने के तुरंत बाद आप इसे PDF में डाउनलोड कर सकते हैं। इसे लैमिनेट करवा कर पास रखें।
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PMJAY क्यॉस्क: जब भी अस्पताल जाएं, वहां ‘आयुष्मान मित्र’ का काउंटर ढूंढें। वे कार्ड को स्कैन करके भर्ती की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
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शिकायत निवारण: अगर कोई अस्पताल इलाज से मना करे, तो आप टोल-फ्री नंबर 14555 पर कॉल कर सकते हैं।
6. महत्वपूर्ण सीमाएं (Exclusions – क्या कवर नहीं है?)
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OPD का खर्च: केवल डॉक्टर को दिखाने की फीस या बिना भर्ती हुए ली गई दवाइयां इसमें कवर नहीं होतीं।
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कॉस्मेटिक सर्जरी: सुंदरता बढ़ाने वाली सर्जरी या अनावश्यक दंत चिकित्सा (Dental) इसमें शामिल नहीं है।
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अस्पताल की श्रेणी: इलाज केवल उन्हीं अस्पतालों में होगा जो ‘Ayushman Bharat’ के पैनल में रजिस्टर्ड हैं।
निष्कर्ष
70+ आयुष्मान कार्ड बुजुर्गों के लिए एक ‘सुरक्षा कवच’ है। यह बुढ़ापे में सम्मान के साथ इलाज कराने का अधिकार देता है ताकि परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े।
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