कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने रविवार शाम भवानीपुर में अपने चुनावी अभियान का शंखनाद किया। इस दौरान उन्होंने एक अलग अंदाज पेश करते हुए वीआईपी मंच (Dais) का उपयोग करने के बजाय आम जनता के बीच बैठकर उनसे सीधा संवाद किया।
विविध समुदायों को साधने की रणनीति
लेडीज पार्क के ‘उत्तम उद्यान’ में आयोजित इस बैठक में ममता बनर्जी ने कोलकाता की मिश्रित संस्कृति पर ध्यान केंद्रित किया। इस सभा में सिख, सिंधी, गुजराती, जैन और बिहारी समुदायों के प्रतिनिधि शामिल थे।
ममता बनर्जी के संबोधन की मुख्य बातें:
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सांप्रदायिक सद्भाव: उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा छठ पूजा, महावीर जयंती, क्रिसमस और डांडिया जैसे कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया है।
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व्यापार और स्थिरता: मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि उनके कार्यकाल में बंगाल में ‘बिज़नेस’ और ‘शांति’ का माहौल रहा है। उन्होंने आगाह किया कि विपक्ष की जीत इस स्थिरता को खतरे में डाल सकती है।
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नोटबंदी पर प्रहार: उन्होंने पुराने मुद्दों को दोहराते हुए कहा कि नोटबंदी ने देश के व्यापार को बर्बाद कर दिया और आज भी देश की आर्थिक स्थिति नाजुक है।
चुनाव विश्लेषण: भवानीपुर का समीकरण
भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी का मुकाबला उनके पूर्व सहयोगी और वर्तमान विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी से है। यह मुकाबला इस चुनाव के सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबलों में से एक माना जा रहा है।
| समुदाय | प्रभाव क्षेत्र (मुख्य रूप से) |
| सिख और पंजाबी | एमजी रोड और मध्य कोलकाता |
| गुजराती और मारवाड़ी | भवानीपुर और बड़ाबाजार |
| बिहारी/हिंदी भाषी | कोलकाता के औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्र |
महत्वपूर्ण चुनावी घटनाक्रम (20 अप्रैल 2026)
आज के अन्य बड़े अपडेट्स जो आपको जानने चाहिए:
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चुनाव आयोग की कार्रवाई: बंगाल में ‘आदर्श आचार संहिता’ के उल्लंघन के मामले में 11,000 सोशल मीडिया पोस्ट और यूआरएल पर कार्रवाई की गई है।
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I-PAC पर शिकंजा: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने I-PAC के एक और निदेशक ऋषि राज सिंह को दिल्ली में पूछताछ के लिए समन भेजा है।
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भाजपा का दांव: भाजपा ने बंगाल में ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) का वादा किया है, जिस पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
व्यापार और बाजार पर असर
एक डिजिटल कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट के नजरिए से देखें तो, ममता बनर्जी का व्यापारियों (विशेषकर गुजराती और मारवाड़ी समुदाय) को संबोधित करना सीधे तौर पर राज्य की आर्थिक नीतियों और वोट बैंक को प्रभावित करता है। भवानीपुर में व्यापारियों की एक बड़ी संख्या है, जो चुनाव के परिणामों को पलटने की ताकत रखते हैं।
Credit – News24hour
