हाइलाइट्स
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बिटकॉइन एक ही हफ्ते में 17% गिरा
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24 घंटे में करीब $1 बिलियन की पोज़िशन लिक्विडेट
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पूरे क्रिप्टो बाजार से अब तक $2 ट्रिलियन गायब
न्यूयॉर्क:
गुरुवार को क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। Bitcoin की कीमत तेज़ी से फिसलते हुए $63,295 तक आ गई, जो अक्टूबर 2024 के बाद का सबसे निचला स्तर है। यह वही समय था जब अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने क्रिप्टो-समर्थक रुख दिखाया था।
ताज़ा कारोबार में बिटकॉइन करीब 12.6% टूटकर $63,525 के आसपास रहा, जो नवंबर 2022 के बाद की सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावट मानी जा रही है।
24 घंटे में $1 बिलियन की लिक्विडेशन
क्रिप्टो डेटा प्लेटफॉर्म CoinGlass के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में बिटकॉइन से जुड़ी लगभग $1 बिलियन की पोज़िशन जबरन बंद (liquidate) करनी पड़ी।
यह साफ संकेत है कि बाजार में निवेशकों का भरोसा तेजी से कमजोर हो रहा है।
क्रिप्टो मार्केट कैप से $2 ट्रिलियन गायब
मार्केट ट्रैकिंग वेबसाइट CoinGecko के अनुसार:
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अक्टूबर की शुरुआत में क्रिप्टो बाजार का कुल मूल्य $4.37 ट्रिलियन था
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अब तक इसमें से $2 ट्रिलियन से अधिक की गिरावट आ चुकी है
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केवल पिछले एक महीने में ही करीब $800 बिलियन स्वाहा हो गया
ईथर की हालत भी खराब
बिटकॉइन के साथ-साथ दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ether भी दबाव में है:
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गुरुवार देर रात कीमत 13% से ज्यादा गिरकर $1,854
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इस हफ्ते कुल गिरावट 19%
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साल 2026 में अब तक करीब 38% की गिरावट
सोना-चांदी और शेयर बाजार की कमजोरी का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, क्रिप्टो पर दबाव सिर्फ अंदरूनी कारणों से नहीं बल्कि:
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सोना और चांदी में बढ़ी अस्थिरता
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टेक शेयरों में बिकवाली
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अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट
भी जिम्मेदार हैं।
गुरुवार को:
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S&P 500 सात हफ्ते के निचले स्तर पर
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Nasdaq दो महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया
“क्रिप्टो अब कैपिट्यूलेशन मोड में”
Coin Bureau के को-फाउंडर और एनालिस्ट निक पकरीन के मुताबिक,
“क्रिप्टो मार्केट अब पूरी तरह कैपिट्यूलेशन मोड में है। यह सिर्फ शॉर्ट-टर्म करेक्शन नहीं, बल्कि एक लंबा रीसेट फेज हो सकता है, जो हफ्तों नहीं बल्कि महीनों चलता है।”
ट्रंप का फैसला बना नई चिंता की वजह
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा Kevin Warsh को फेड चेयर के लिए चुने जाने की अटकलों ने भी बाजार में डर बढ़ाया है।
विश्लेषकों का मानना है कि Warsh:
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Federal Reserve की बैलेंस शीट को छोटा कर सकते हैं
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इससे क्रिप्टो जैसी जोखिम भरी संपत्तियों को सपोर्ट नहीं मिलेगा
Julius Baer के मैनुअल विलगास फ्रांसेस्की के अनुसार,
“मार्केट को डर है कि वह फेड में ‘हॉक’ साबित हो सकते हैं, और यह क्रिप्टो के लिए नकारात्मक संकेत है।”
ETF से लगातार पैसा निकाल रहे निवेशक
Deutsche Bank के विश्लेषकों के मुताबिक:
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अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETF से जनवरी में $3 बिलियन से ज्यादा की निकासी
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दिसंबर और नवंबर में क्रमशः $2 बिलियन और $7 बिलियन की आउटफ्लो
यह दिखाता है कि पारंपरिक निवेशकों की रुचि लगातार कम हो रही है।
टेक सेक्टर से जुड़ा है बिटकॉइन का भविष्य
विशेषज्ञों का कहना है कि बिटकॉइन की चाल लंबे समय से टेक सेक्टर से जुड़ी रही है, खासकर AI-थीम वाले शेयरों के साथ।
Jefferies के रणनीतिकार मोहित कुमार के अनुसार,
“अगर कीमतें और गिरीं, तो क्रिप्टो माइनर्स पर दबाव बढ़ेगा और मजबूरन लिक्विडेशन का एक खतरनाक चक्र शुरू हो सकता है।”
निष्कर्ष
बिटकॉइन और क्रिप्टो बाजार इस समय भरोसे के गंभीर संकट से गुजर रहा है। ETF आउटफ्लो, टेक शेयरों की गिरावट और फेड नीति को लेकर अनिश्चितता — ये सभी मिलकर बाजार को लंबे समय तक दबाव में रख सकते हैं।
निवेशकों के लिए संकेत: क्रिप्टो को पोर्टफोलियो का केवल छोटा हिस्सा ही बनाना फिलहाल सबसे सुरक्षित रणनीति मानी जा रही है।
