भारतीय डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ा है — लेकिन 2025 ने एक नया खतरा खड़ा कर दिया है।
UPI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ-साथ फ्रॉडस्टर्स की तकनीक भी उतनी ही तेज़ी से विकसित हुई है। अब धोखेबाज़ पुराने “फिशिंग लिंक” या “फेक QR स्कैन” जैसे आसान तरीकों पर निर्भर नहीं हैं।
वे अब AI, सोशल इंजीनियरिंग, टेलीग्राम बॉट्स, वॉइस-क्लोनिंग, और साइकोलॉजिकल ट्रिक्स का खतरनाक मिश्रण इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसके चलते लोग मिनटों में हजारों–लाखों रुपये गंवा रहे हैं।
🔴 1) UPI फ्रॉड 2025 – खतरे का नया चेहरा
2025 में सामने आए UPI फ्रॉड के पैटर्न बताते हैं कि यह सिर्फ टेक्निकल हमला नहीं है, बल्कि ज़्यादा बड़ा मानसिक हमला (psychological attack) बन चुका है।
धोखेबाज़ अब “डर”, “तत्कालता”, “विश्वास”, “ऑफर” और “इमोशन” का इस्तेमाल करके पीड़ित को ट्रांसफर करवाते हैं।
सबसे खतरनाक बात —
पहले लोग बैंक का नाम सुनकर सतर्क हो जाते थे, अब उन्हें अपनी ही फैमिली की आवाज़ से धोखा दिया जा रहा है।
🔥 2) नए-नए तरीके जिनसे लोग मिनटों में लूटे जा रहे हैं
➤ 2.1 AI Voice Cloning Scam — आपकी ही आवाज़ आपका दुश्मन बन रही है
फ़्रॉडस्टर अब 5–10 सेकंड की किसी की आवाज़ लेकर उसे AI से हूबहू क्लोन कर लेते हैं।
फिर उस आवाज़ से कॉल कर कहते हैं:
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“फ़टाफट पैसे भेजो…”
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“मेरा फोन बंद हो गया है…”
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“मैं मुसीबत में हूँ…”
इस तरीके ने बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा निशाना बनाया है क्योंकि वे विश्वास के आधार पर पैसा भेज देते हैं।
वास्तविक स्थिति क्यों खतरनाक है?
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आवाज़ का टोन, हिचकियाँ, इमोशन — सब 90% तक मैच करने लगे हैं।
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कॉलर ID भी स्पूफ़ की जा सकती है।
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लोग फोन उठाते ही हड़बड़ा जाते हैं।
यह 2025 का सबसे घातक UPI फ्रॉड मॉडल माना जा रहा है।
➤ 2.2 Telegram & WhatsApp “Money-Making Groups” Scam
2025 में सबसे तेज़ फैलने वाला स्कैम “Telegram Earning / Trading Groups” का है।
स्कैमर्स पहले छोटे-छोटे पैसे profit के तौर पर भेजकर भरोसा बनाते हैं।
फिर कहते हैं:
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“अब ₹5,000 डालो, फिर ₹10,000 कमाओ…”
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“VIP ग्रुप में जाने के लिए ₹2,000 पे करो…”
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“ट्रेडिंग सिग्नल खरीदो…”
पहली बार फायदा दिखाकर आगे लाखों निकलवा लेते हैं।
यह इतना सफल क्यों है?
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लोग छोटे प्रॉफिट देखकर फँस जाते हैं
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स्कैमर्स बॉट्स से एक्टिविटी दिखाते हैं
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ग्रुप के सारे “सदस्य” भी फर्जी होते हैं
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Pay → Earn के लालच में लोग खुद पैसा भेजते हैं
➤ 2.3 Fraud ‘Collect Request’ – बिना PIN बताए पैसा निकल जाता है
2025 में कई केस देखे गए जहाँ स्कैमर्स पीड़ित को collect request भेजकर पैसे निकलवा लेते थे।
लोग समझते हैं “यह मुझे पैसे भेज रहे हैं”, लेकिन दरअसल वे pull request को accept कर देते हैं — और पैसा चला जाता है।
यही वजह है कि इस फीचर को लेकर NPCI को कदम उठाने पड़े।
➤ 2.4 Fake Customer Care Numbers (Google Search पर दिखने वाले नकली नंबर)
लोग Google पर “PhonePe helpline”, “GPay customer care” जैसे शब्द खोजते हैं।
फ्रॉडस्टर्स इन शब्दों पर ads या SEO pages चलाकर अपना नंबर ऊपर दिखा देते हैं।
जैसे ही पीड़ित कॉल करता है — स्कैमर:
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स्क्रीनशेयर
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नया UPI PIN
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KYC अपडेट
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Refund link
का बहाना बनाकर पैसा निकलवा लेते हैं।
➤ 2.5 Job, Loan, Cashback, Cashback Refund Scam
2025 में स्कैमर्स ने इन थीम्स पर UPI फ्रॉड किया:
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“Loan Approved — Pay ₹999 Processing Fee”
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“Cashback Not Credited — Refund Link Click करें”
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“तुरंत नौकरी — पहले रजिस्ट्रेशन फीस भेजो”
इनमें लोग लालच/जरूरत के कारण फँस जाते हैं।
⚠️ 3) रियल केस — जिससे समझ आता है कि खतरा कितना असली है
✔ केस 1: गोवा के युवक से 7 लाख रुपये निकाल लिए गए
एक युवक को पहले छोटा फर्जी प्रॉफिट दिखाया गया, फिर बड़े-बड़े पेमेंट करवाए गए। उसने सोचा कि ट्रेडिंग हो रही है, पर असल में वह फ्रॉडर्स को ही पैसा भेज रहा था।
✔ केस 2: पुणे के ग्राफिक डिज़ाइनर से ~₹2 लाख लुटे गए
उसने गूगल पर “NPCI helpline” खोजी और फर्जी नंबर मिला। उसने सोचा कि NPCI से बात हो रही है — और “verification के नाम पर” उसने कई ट्रांज़ैक्शन कर दिए।
दोनों केस की जांच में सामने आया कि पीड़ितों ने फर्जी नंबरों/फर्जी ग्रुप्स पर भरोसा कर लिया।
❌ 4) नेगेटिव एंगल – सिस्टम कहाँ कमजोर साबित हुआ?
➤ A) फोन नंबर वेरिफिकेशन कमजोर
कोई भी स्कैमर आसानी से फर्जी नंबर बना सकता है — जिससे लोग “बैंक कॉल” समझकर फँस जाते हैं।
➤ B) AI टेक्नोलॉजी के लिए कानून तैयार नहीं
AI voice cloning पर विशेष कानून अभी तक नहीं हैं — यही स्कैमर्स का सबसे बड़ा हथियार बन गया है।
➤ C) UPI फीचर्स में कुछ loopholes थे
collect request और refund request के फीचर का दुरुपयोग किया गया।
➤ D) Digital Literacy अभी भी कम
ज्यादा यूज़र डिजिटल पेमेंट तो कर लेते हैं, पर
किसे भरोसा करें — किससे बचें
सही ढंग से नहीं सीख पाते।
🛡️ 5) मजबूत समाधान — ताकि आप कभी धोखा न खाएँ
ये स्टेप्स अपनाने से 90% फ्रॉड तुरंत रोके जा सकते हैं:
🔐 Step 1: UPI PIN किसी को न बताएं — चाहे वह आपकी ही आवाज़ क्यों न हो
AI आवाज़ असली लग सकती है।
पर PIN सिर्फ आप जानें।
📵 Step 2: किसी भी unknown ‘collect request’ को accept न करें
यदि आपको पता नहीं कि अनुरोध किसने भेजा —
तुरंत reject कर दें।
☎ Step 3: कभी भी Google पर Customer Care Number न खोजें
हमेशा ऐप के अंदर:
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Help
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Support
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Report an issue
से ही संपर्क करें।
📡 Step 4: स्क्रीन शेयरिंग ऐप किसी को इंस्टॉल न करने दें
screen mirroring से आपका UPI ऐप पूरी तरह खुल जाता है।
🧠 Step 5: कोई भी ‘तत्काल’, ‘urgent’, ‘मुझे अभी पैसों की जरूरत है’ कॉल — पहले वीडियो कॉल पर सत्यापित करें
AI आवाज़ वास्तविक चेहरा नहीं बना सकती।
वीडियो कॉल कई बार सच और झूठ अलग कर देती है।
💰 Step 6: बड़े ट्रांज़ैक्शन से पहले 2 मिनट ब्रेक लें
स्कैमर्स हमेशा जल्दबाज़ी create करते हैं।
आप जितना शांत रहेंगे, उतना सुरक्षित रहेंगे।
🚨 Step 7: फ्रॉड होते ही 30 मिनट के अंदर शिकायत करें
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बैंक
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UPI ऐप
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साइबर क्राइम पोर्टल
जल्दी रिपोर्ट करने पर पैसा रिकवर होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है।
🟢 6) निष्कर्ष — 2025 में “चालाकी से ज्यादा समझदारी” जरूरी है
भारत में UPI दुनिया का सबसे सफल डिजिटल पेमेंट मॉडल है।
पर 2025 ने दिखा दिया कि UPI जितना शक्तिशाली है, उतने ही खतरनाक स्कैमर्स भी बन चुके हैं।
AI, Telegram बॉट्स, फर्जी कस्टमर-केयर, collect request —
इन सबने मिलकर UPI फ्रॉड को एक “साइलेंट डिजिटल महामारी” जैसा बना दिया है।
पर अच्छी बात यह है कि:
➡ थोड़ी सावधानी
➡ थोड़ी सतर्कता
➡ थोड़ी जांच-पड़ताल
से हम 95% स्कैम्स से खुद को बचा सकते हैं।
